Essay on Mother in Hindi

इस निबंध का शीर्षक है – Essay on Mother in Hindi. इस निबंध में हमने मनुष्य के जीवन एवं चरित्र निर्माण में माँ का महत्त्व और बच्चों का अपने मां के प्रति दायित्व केविषय में विस्तार से चर्चा की है | सभी Class के School Student के लिए Nibandh उपयोगी है ।

भूमिका  :-  एक बहुत प्राचीन यहूदी कहावत है – “भगवान धरती पर हर जगह नहीं हो सकते है, इसलिए उसने माँ को बनाया ।”

एक माँ उनके बच्चों  के लिए सब कुछ होती है। अपनी फटकार से वे हमें मजबूत बनने के लिए प्रेरित करती है | एक माँ अंधकार के बादलों को छिन्न-भिन्न कर देती है, और हमारे हताश दिलों के लिए शांति का कारण बनती है |

Essay on Mother in Hindi

maa par nibandh
maa par nibandh

विषयविस्तार :- जिस क्षण से हम पैदा हुए हैं, तब से मृत्यु  तक हम कई संबंध बनाते  हैं। कुछ सिर्फ समय के लिए होते हैं, कुछ आपको धोखा देने के लिए होते हैं, कुछ आपको अकेले छोड़ देने के लिए होते हैं जब आपको उनकी उपस्थिति की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, कुछ आपके गुणों के कारण आपके साथ होते हैं और कुछ आपके साथ खून के रिश्ते की मजबूरी के कारण आपके साथ रहने के लिए मजबूर होते हैं। लेकिन, एक ऐसा व्यक्ति है जो आपसे निस्वार्थ प्रेम करता है और वो और कोई नहीं बल्कि आपकी माँ है । मां के प्यार का कोई मुकाबला नहीं है और न ही कोई उसके प्यार की जगह ले सकता है। यह कहा जाता है की ईश्वर ने माँ को बनाकर मानवता के लिए उसके प्यार को दर्शाया है।

एक माँ के प्यार और देखभाल की मिसाल नहीं दी जा सकती। जब शिशु उनके  गर्भ में होता है ; वह हर कदम इतनी सावधानी सेकाम  है की शिशु को कोई परेशानी न हो | माँ सदा अपने बच्चों के भविष्य के बारे में चिंतित  रहती है | जन्म के बाद से ही माँ अपने बच्चों की देखभाल में लग जाती है | वो हमें वैसे ही पोषित करती है जैसे धूप और पानी पौधों में पोषक तत्व डालते हैं | कितनी ही मुसीबतें और चुनौतियों को झेल  कर वो बच्चों को बड़ा करती है |

Role of a mother in child character development in Hindi ( बाल चरित्र विकास में एक माँ की भूमिका ) :- एक माँ बच्चे की सबसे अच्छी दोस्त होती है। एकदोस्त के रूप में, एक माँ अपने बच्चे के साथ बहुत समय बिताती है।

एक संरक्षक के रूप में, एक माँ अपने बच्चे को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए निर्देशित करती है। वह बच्चे के दिमाग से भ्रम की बाधाओं को दूर करती है और उसे सही रास्ता दिखाती है।

ऐसा कहा जाता है कि एक बच्चा अपने घर पर अपना पहला पाठ सीखता है। नैतिक शिक्षा के अलावा, आज की माताएं अपने बच्चों की शैक्षणिक वृद्धि में सक्रिय रूप से भाग लेती हैं। वह स्कूल के कामों को पूरा करने में भी बच्चे की मदद करती है।

माँ के बिना जीवन बेरंग और निष्प्राण सी प्रतित होती है। जीवन की सुंदरता मां की ममता और देखभाल की छांव में है। जिन लोगों को यह अमूल्य उपहार मिला है वो इसकी महत्त्व को महसूस नहीं करते हैं, लेकिन जो लोग इस उपहार से वंचित हैं, वे इसे अपने दिल से महसूस करते हैं।

Responsibility of Child towards Mother in Hindi ( मां  के प्रति बच्चे की जिम्मेदारी ) :-

जीवन पूरा लगा दिया, पालन को सब परिवार
आज उसी माँ को नहीं मिलता, घर में रोटी चार   ||

मां अपने बच्चे को पालने के लिए पूरे जीवन में बहुत त्याग और समर्पण करती है | इसलिए सभी बच्चों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह माता पिता के प्रति अपने दायित्वों को समझे | अपने माता पिता की सेवा करना बच्चे का दायित्व नहीं उसका सौभाग्य है | हमें जीवन में कभी ऐसा कार्य न करें जो उनके माता पिता के सम्मान को ठेस पहुंचाती हो |

उपसंहार : –  हमारे जीवन माँ की बहुत महत्वपूर्ण  भूमिका है | बच्चे का पालन-पोषण और उसका समाजीकरण मुख्य रूप से माँ के हाथों में रहता है।  मां  सुरक्षा, पोषण, भरोसेमंदता, अपनेपन और प्यार प्रदान करती है जिसके बिना  बच्चों का स्वस्थ विकास संभव नहीं है |

 

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