Mahatma Gandhi Essay in Hindi

Mahatma Gandhi Essay in Hindi ( महात्मा गांधी पर निबंध ) :-

 

आज के निबंध का विषय है महात्मा गांधी Mahatma Gandhi Essay in Hindi.  इस nibandh में हम महात्मा गांधी के जन्म – मृत्यु और उनके शिक्षा – दीक्षा और उनके पूरे जीवन में राष्ट्र एवं शोषण के विरोध में किए गए योगदान के विषय में विस्तार से पढ़ेंगे | यह Mahatma Gandhi Essay in Hindi Class 5, 6, 7, 8, 9 सभी Student के लिए उपयोगी है  | सभी School के विद्यार्थी इस nibandh  का उपयोग करके अपने कक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं  |

Essay on Mahatma Gandhi in Hindi for class 7 – 12

भूमिका :-  महात्मा गांधी एक ऐसे व्यक्ति है जो हमेशा भारतीयों के दिलों में रहेंगे सभी भारत ने उन्हें राष्ट्रपिता या बापू के नाम से जानते हैं |महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद्र  गांधी था |   वह एक महान और हिंसक स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ भारत में अहिंसक शांतिपूर्ण आंदोलन का नेतृत्व किया |

जन्म एवं मृत्यु :- महात्मा गांधी का जन्म सेकंड अक्टूबर गुजरात के पोरबंदर शहर में हुआ था और 30 जनवरी 1948 को नथुराम गोडसे द्वारा उनकी हत्या कर दी गई थी |

पारिवारिक जीवन :-  महात्मा गांधी का जन्म महात्मा गांधी के पिता का नाम करमचंद्र गांधी था और उनकी माता का नाम पुतलीबाई था | 13 वर्ष की आयु में महात्मा गांधी का विवाह 14 वर्ष की कस्तूरबा गांधी से करा दिया गया था | गांधीजी के 5 पुत्र थे लेकिन उनके पुत्र की मृत्यु बहुत ही कम उम्र में हो गई थी उनके बाकी के चार पुत्रों का नाम हरिलाल, मणिलाल , रामदास,  देवदास था |

Academic life of Mahatma Gandhi  ( शैक्षणिक जीवन ) :- 18 वर्ष की उम्र में गांधीजी वकालत की पढ़ाई करने इंग्लैंड चले गए थे और लंदन विश्वविद्यालय से वकालत में स्नातक की पढ़ाई पूरी की इसके बाद गांधीजी साउथ अफ्रीका जो कि उस समय एक ब्रिटिश उपनिवेश था वहां जाकर अपनी वकालत की प्रैक्टिस आरंभ कर दिया |

 

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में गांधीजी का योगदान ( Gandhiji’s contribution in the freedom of India ) :-

 

गांधी जी ने अपने अहिंसक आंदोलन का आरंभ दक्षिण अफ्रीका में ही कर दिया था जहां उन्होंने अपने साथ हुए छुआछूत और रंगभेद के खिलाफ सविनय अवज्ञा आंदोलन चलाया था 1916 में वह भारत लौट आए उस समय भारत में भी आजादी की लड़ाई बहुत जोरों पर थी उस समय भारत में कई छोटे-छोटे हिंसक और और हिंसक आंदोलन चल रहे थे |  महात्मा गांधी और अहिंसक आंदोलन में भाग लेने शुरू कर दिया गांधीजी के अहिंसक आंदोलन ने अंग्रेजो के नींव  खिला कर रख दिया |

 

उनके प्रमुख आंदोलन निम्नलिखित है  ( Popular Freedom Movement of Mahatma Gandhi):-

 

चंपारण का आंदोलन :- इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति हो जाने के कारण उनका उद्योग चरम पर था ।  उन्हें सामान बनाने के लिए कच्चे माल की बहुत अधिक आवश्यकता पड़ती थी इसीलिए 1917  में अंग्रेजों ने चंपारण के किसानों को नील  की खेती करने के लिए  मजबूर किया ।  लेकिन भारत के किसानों के लिए यह नील की कोई उपयोगिता ना होने के कारण यह नील दोबारा अंग्रेजों को ही उनके मन माने कीमत पर बेचना पड़ता था । अंग्रेजों के इस शोषण के खिलाफ गांधी जी ने एक अहिंसक आंदोलन का आयोजन किया और अंग्रेजो ने किसान के मांग को स्वीकार कर लिया ।

 

खेड़ा का आंदोलन :- 1917 में खेड़ा गांव बाढ़ की चपेट में आ गया और यहां के किसान पूरी तरह से बर्बाद हो गए लेकिन अंग्रेजी हुकूमत कर की दरों में किसी तरह की राहत देने को तैयार नहीं थे । गांधी जी ने असहयोग आंदोलन किया और कई महीनों तक अंग्रेजी प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया अंततः अंग्रेजी हुकूमत को बाध्य होकर अस्थाई रूप से करो की दर में कटौती करनी पड़ी ।

 

असहयोग आंदोलन :- जलियांवाला बाग हत्याकांड और अंग्रेजो के कठोर नीतियों ने 1920 तक असहयोग आंदोलन का रूप लिया गांधी जी का मानना था कि भारत में अंग्रेजों के पनपने का मुख्य कारण है । उनका उद्योग इसीलिए गांधी जी ने भारत के लोगों से स्वदेशी उत्पादों के उपयोग करने का अनुरोध किया साथ ही  ऐसे भारत के जो ब्रिटिश प्रशासन के अधीन काम करते थे । उन्हें अपने काम से त्यागपत्र देने का अनुरोध गांधी जी ने किया परिणाम स्वरूप बहुत सारे भारतीय  सिविल सेवाओं और सरकारी नौकरी से त्यागपत्र देने लगे असहयोग आंदोलन में पहली बार लोगों ने अहिंसक विरोध के सामर्थ को देखा था इस आंदोलन ने अंग्रेजों की नींव हिला कर रख दी थी ।

 

essay on mahatma gandhi in hindi in 500 words
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नमक सत्याग्रह या दांडी मार्च  :-अंग्रेजों ने नमक उत्पादन पर भारी कर लगा दिया जिससे भारतीयों द्वारा नमक उत्पादन असंभव हो गया ।  गांधी जी ने इसके विरोध में  गुजरात के साबरमती आश्रम से 12 मार्च 1930 को एक पैदल यात्रा आरंभ किया और 6 अप्रैल 1930 को 26 दिनों तक पैदल यात्रा करके डांडी पहुंचे और वहां अपने हाथों से नमक बना कर अंग्रेजों  कानून को तोड़ दिया । यह आंदोलन पूरी तरह से सफल रहा और अंग्रेजो के खिलाफ भारत में एक माहौल बनने लगा ।

भारत छोड़ो आंदोलन :-  8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया इसमें अंग्रेजों से पूरी तरह भारत छोड़ने का मांग किया गया यह द्वितीय विश्व युद्ध के समापन का समय था । इंग्लैंड पहले से ही जर्मनी के साथ युद्ध में व्यस्त था । ऐसे में भारतीय सैनिक जो इंग्लैंड के साथ द्वितीय  विश्वयुद्ध में युद्ध करने गए थे उन्होंने खुद को द्वितीय विश्व युद्ध से अलग करने की मांग कर डाली । इस आंदोलन ने आग में घी डालने का काम किया । आंदोलन इतना तीव्र था कि  युद्ध समाप्त होते ही अंग्रेज भारत को पूरी तरह से आजाद करने के लिए तैयार हो गए ।

उपसंहार :-  महात्मा गांधी का ऐसा मानना था कि हथियार किसी भी समस्या का समाधान नहीं है गांधी जी का कहना था कि हथियार वास्तव में समस्या को समाप्त करने की जगह उसे और बड़ा बना देता है , हथियार एक उपकरण है जो नफरत , भय और क्रोध फैलाता है किसी के विरोध का सबसे बेहतर मार्ग है अहिंसा इसके उपयोग से हम सब से बहुत अधिक शक्तिशाली दुश्मन से भी बिना किसी हथियार के उपयोग के लड़ सकते हैं ।

दोस्तों ऊपर आपने Mahatma Gandhi Essay in Hindi निबंध को पढ़ा अगर आप इस निबंध से संबंधित कोई सुझाव हमें देना चाहते हैं, तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर हमें जरूर बताएं जिससे हम अपने इस निबंध  में सुधार करके इससे और अधिक अच्छा बना कर दूसरे सभी विद्यार्थियों की सहायता कर सकें |

 

 

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