Essay on School in Hindi

आज के निबंध का शीर्षक है – Essay on School in Hindi. इस निबंध में हमने एक आदर्श स्कूल के गुणों और बच्चों के जीवन में स्कूल का महत्व जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की है |

भूमिका  :-  स्कूल बच्चों के जीवन से अज्ञान के अंधकार को मिटाकर ज्ञान के प्रकाश को जगाने का माध्यम है |  छात्रों के लिए स्कूल एक पूजनीय स्थल के समान है इसीलिए स्कूल को विद्या मंदिर अर्थात ज्ञान का मंदिर भी कहते हैं |  साधारण शब्दों में स्कूल उन  शैक्षणिक संस्थान को कहतें है जिन्हें कुछ शैक्षणिक कार्यक्रमों को पूरा करने के लिए बनाया जाता है | हालाँकि आज के स्कुल केबल शिक्षा ही प्रदान नहीं करते बल्कि यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास करतें है के उनके विद्यार्थी  ज्ञानवान , चरित्रवानऔर सफल मनुष्य बने |

Essay on School in Hindi

विषयविस्तार :- मनुष्य स्कूल और परिवार की सहभागिता का उत्पाद है, ये दोनों  ​​मनुष्य को सामाजिक बनाने के लिए जिम्मेदार हैं। बच्चे के जीवन की शुरुआत में हम पाते हैं कि परिवार एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका को पूरा करता है,  जिनमें मूल्यों को प्रसारित करना  और मातृभाषा सिखाना शामिल है | परिवार के बाद अगर कोई ऐसा स्थान है जहां मनुष्य को शिक्षा और सभ्यता का ज्ञान होता है तो वो स्कूल ही है |

 

school par nibandh
School Par Nibandh

मेरे लिए, स्कूल मुख्य रूप से शिक्षा और समग्र रूप से अपने करियर और जीवन में सफलता की संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए एक जगह है।  स्कूल आपको केवल तथ्य और अकादमिक कौशल नहीं सिखाता है, बल्कि शिष्य, सामाजिक और संचार कौशल, नेतृत्व और बहुत सारी चीजें भी सिखाता है।

स्कूल एक मिनी सोसाइटी है, जहाँ सभी प्रकार के विश्वास, पंथ, धर्म, धर्मनिरपेक्ष मूल्य आदि विकसित होते हैं और स्कूल एक लोकतांत्रिक सामाजिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्कूलों को औपचारिक संस्थानों के रूप में बेहतर जाना जाता है, जहां शिक्षा को एक व्यवस्थित तरीके से प्रदान किया जाता है और सभी कदम सहसंबद्ध होते हैं।

यह स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों आदि में एक निश्चित अवधि के लिए है। शिक्षा का उद्देश्य, शिक्षण के लिए नियम, पाठ्यक्रम आदि निर्धारित हैं। शिक्षा की पूरी व्यवस्था सुनियोजित है। सब कुछ नियमों और विनियमों के तहत होता है। जब छोटे बच्चे एक समूह में एक साथ खेलते हैं तो उन्हें सामाजिक गुणों को सहयोग, सहानुभूति महसूस करने का अवसर मिलता है, टीम-वर्क एक बच्चे में आत्मविश्वास लाता है। वे स्थिति को समायोजित करने के लिए उसकी इच्छाओं के खिलाफ काम करने में समन्वय सीखते हैं।

Characteristics of Ideal School ( आदर्श विद्यालय की विशेषताएं ) :-

कौशल विकास पर प्राथमिकता :- एक आदर्श स्कूल को विद्यार्थियों के कौशल विकास पर ध्यान देना चाहिए ना कि विद्यार्थियों को एक केवल पाठ्य पुस्तक पढ़ाकर परीक्षा में अच्छे अंक लाने पर |

धर्मनिरपेक्ष शिक्षा :- स्कूल के लिए यह बहुत आवश्यक है कि वह विद्यार्थियों को धर्मनिरपेक्ष शिक्षा प्रदान करें किसी भी धर्म या मत से प्रभावित शिक्षा विद्यार्थियों के मानसिकता एवं भविष्य निर्माण के लिए बहुत हानिकारक है |

चरित्र निर्माण :- विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण की जिम्मेदारी भी स्कूल की ही है |  सभी विद्यार्थियों के अंदर समाज के प्रति दायित्व , अपने माता-पिता एवं परिवारजनों के प्रति दायित्व, राष्ट्र के प्रति दायित्व का सही ज्ञान स्कूल को प्रदान करना चाहिए |  बच्चों को नियम एवं संविधान का पालन करने का बोध , सत्य एवं इमानदारी के साथ जीवन यापन करने का बोध भी स्कूल को कराना चाहिए  |

 

उपसंहार : – स्कूल एक ऐसी प्रणाली है जिसमें बच्चे को दुनियादारी  का ज्ञान मिलता है और उसी के अनुसार उनका विकास होता है। प्रत्येक काम को  नियमित  रूप से करना , टीम वर्क ,सद्भाव , प्रतिस्पर्धा इत्यादि का ज्ञान स्कूल के बिना संभव नहीं है | इस लिहाज़ से स्कूल हमारे जीवन के कुछ सबसे महत्वपूर्ण संस्थानों में से एक है |

दोस्तों School Par Nibandh  आपको कैसा लगा अगर आप हमें से संबंधित कोई सुझाव देना चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताइए  |

 

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