Essay on Nature in Hindi

आज के निबंध का शीर्षक है – Essay on Nature in Hindi. इस निबंध में हम जीव जगत के जीवन में प्रकृति का महत्व के और मानव द्वारा प्राकृत हो रहे प्रकृति का शोषण के विषय में विस्तार से चर्चा करेंगे । सभी Class के School Student के लिए निबंध अत्यंत उपयोगी है ।

Essay on Nature in Hindi

भूमिका :-  प्रकृति हमारे जीवन का अभिन्न अंग है क्योंकि हम सभी पृथ्वी वासी प्रकृति से घिरे हुए है । प्रकृति हमें जीवन के लिए सभी आवश्यक संसाधन जैसे कि पीने के लिए पानी , सांस लेने के लिए हवा, रहने के लिए जमीन , आवश्यक पेड़ – पौधे जानवर इत्यादि प्रदान करता है । हम सभी मनुष्यों को प्रकृति के इस आशीर्वाद का आभारी होना चाहिए, लेकिन अधिकांश मनुष्य भूल जाता है कि हम प्रकृति के खजाने का बहुत बुरी तरह से दुष्प्रयोग करके उसे बहुत बुरी तरह से नुकसान पहुंचा रहे हैं और अपने भविष्य के पीढ़ी को प्रकृति के वरदान से वंचित कर रहे हैं ।

Prakriti Par Nibandh

विषय विस्तार :-   प्रकृति सभी के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और अभिन्न अंग है। इसमें हमारे आसपास मौजूद पौधे, जानवर, नदी, जंगल, बारिश, झील, पक्षी, समुद्र,  सूरज, चंद्रमा, मौसम, वातावरण, पहाड़,  बर्फ, आदि शामिल है  | यह हमारी देखभाल करता है और हर पल हमारा पोषण करता है। वहीं दूसरी ओर  यह हमें नष्ट करने की क्षमता भी रखता है।  हवा, जमीन, पानी, आग और आकाश प्रकृति के ही अंग है , जिनसे समस्त संसार का निर्माण हुआ है |

prakriti par nibandh
Prakriti Par Nibandh

प्रकृति बहुत रंगीन है और इसकी गोद में बहुमूल्य खजाने हैं |  प्रकृति कई प्रसिद्ध कवियों, लेखकों, चित्रकारों और कलाकारों के कार्यों का सबसे पसंदीदा विषय रहा है। प्रकृति ईश्वर की सुंदर रचना है जिसे उन्होंने हमें एक अनमोल उपहार के रूप में  दिया है।  अधिकांश लेखकों ने अपने लेखन में प्रकृति की वास्तविक सुंदरता का वर्णन किया है। प्रकृति के  असंख्य रूप हैं। यह मौसम से मौसम , मिनट से मिनट में बदलता रहता है।  यह बदलाव हमारे मनोभावों को भी प्रभावित करता है |  जहां सुबह की सुंदर धूप की किरणें हमें खुश और आशान्वित कर देतें  हैं वहीं  आसमान में छाए बादल हमें उदास बना देते हैं।  यह प्रकृति की सुंदरता की परिवर्तनकारी शक्ति है। हमें प्रकृति का आनंद लेने से कभी नहीं चूकना चाहिए।

आज मनुष्य अपने निजी जीवन में इतना व्यस्त हो गया है की उसे प्रकृति के आनंद उठाने का कोई समय प्राप्त नहीं होता | मनुष्य के जीवन में तकनीकी प्रगति के कारण, हमारी प्रकृति के प्रति झुकाव धीरे-धीरे घट रहा है | हमने अपने मनोरंजन एवं स्वास्थ्य के लिए तकनीकी उपकरणों का उपयोग करना शुरू कर दिया है |   कभी-कभी हम अपना पूरा दिन टीवी देखते हुए, इनडोर गेम्स खेलते हुए , कंप्यूटर या फ़ोन  चलते हुए बिता देतें  हैं और इस प्रक्रिया में हम यह भूल जाते हैं कि दरवाजे के बाहर प्रकृति  हमारे लिए क्या उपहार लिए बैठी है |  सत्य तो यह है की प्रकृति इतनी सुंदर और दिलचस्प है कि अगर कोई मनुष्य इसकी ओर ध्यान देने लगे तो उसे मनोरंजन के और किसी साजन की जरूरत नहीं पड़ती | इसके अतिरिक्त प्रकृति से लगाव मानव को तनाव मुक्त बनाता है और कई बीमारियों से भी दूर रखता है | इस लिहाज़ से  प्रकृति वाकई में एक वरदान है |

हालांकि इन सभी बातों के बीच हमें यह   बात  ध्यान में रखनी चाहिए कि प्रकृति के प्रति हमारी भी बहुत सी जिम्मेदारियां है | एक बुद्धिमान जीव  होने के नाते हमारा कर्तव्य है कि हम प्रकृति की देखरेख करें और इससे किसी भी प्रकार की क्षति ना पहुंचे थे | बहुत से मानव अपने स्वार्थ के कारण प्रकृति को नाजायज इस्तेमाल करते हैं और इसे नष्ट करने पर तुले हुए हैं | यह  अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसी बात है | अगर ऐसा ही चलता रहा तो बहुत जल्द  पृथ्वी से संपूर्ण जीवन का सफाया हो जाएगा |

उपसंहार : –  अगर हम हमेशा खुश और स्वस्थ रहना चाहते हैं तो हमें अपनी मूर्खता और स्वार्थी गतिविधियों को रोककर अपने ग्रह और उसकी सुंदर प्रकृति को बचाने की पूरी कोशिश करनी चाहिए।  हमारा यह कर्तव्य बनता है कि हम प्रकृति की देखरेख करने में कोई कसर ना छोड़ें और अपनी जी जान से उसकी रक्षा करें | ऐसा करने में ही सभी की भलाई है |

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