Essay on Indian festivals in Hindi

आज के Essay का विषय है Essay on Indian festivals in Hindi . इस Nibandh में हम भारत में मनाए जाने वाले सभी राष्ट्रीय एवं धार्मिक त्योहारों के विषय में विस्तार से पड़ेंगे पढ़ेंगे  |

भूमिका  :- भारत को त्योहारों और पर्वों का देश कहा जाता है |  इन भारतीय त्योहारों ( Indian festivals  ) में भी अनेकता दिखाई पड़ती है | अनेकता में एकता भारतीय संस्कृति की अनूठी पहचान है | स्वतंत्र भारत में सभी लोगों को पूरी धार्मिक स्वतंत्रता प्राप्त है, इसलिए वह अपने-अपने विश्वास श्रद्धा तथा आस्था के अनुसार अलग-अलग त्यौहार मनाते हैं | भारत में त्योहारों का जाल-सा बिछा हुआ है | इन त्योहारों का संबंध विभिन्न धर्मों, संप्रदायों, जातियों, रीति-रिवाजों, सामाजिक परंपराओं तथा मान्यताओं से होता है | इसलिए यह त्योहार अनेक प्रकार के होते हैं  – धार्मिक, सामाजिक, संस्कृतिक, स्थानीय तथा राष्ट्रीय आदि |

Essay on Indian festivals in Hindi

विषय-विस्तार :- सभी त्योहार अपना-अपना महत्व रखते हैं तथा जीवन में सुने पन को दूर कर हमें नैतिक मूल्यों से जुड़े रखते हैं | यह सभी त्यौहार हमें अपनी सांस्कृतिक परंपराओं रीति-रिवाजों मान्यताओं तथा भारतीय संस्कृति के उच्च आदर्शों से जुड़े रखते हैं | वह चाहे किसी भी धर्म से जुड़े हो, वह हमारे जीवन को उल्लास, उमंग, पूर्ति, नव-चेतना, सद्भाव, स्नेह मैत्री तथा सांप्रदायिक सद्भाव से भर देते हैं |

essay on festivals in hindi
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Importance of Festivals Essay in Hindi Language ( त्योहारों का महत्व ) :- त्योहारों को मनाने का कारण चाहे कुछ भी हो, उनसे कोई-ना-कोई प्रेरणा अवश्य मिलती है | यह देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाते हैं | यह त्यौहार हमें धर्म, न्याय तथा सच्चाई के मार्ग पर ले जाते हैं | यही नहीं स्थिति तो यह है कि इन त्योहारों पर धार्मिक सद्भाव के दर्शन भी होते हैं | दीपावली पर आतिशबाजी बनाने वाले अधिकतर कारीगर मुसलमान होते हैं | इसी तरह गणेश चतुर्थी कथा दुर्गा पूजा पर मूर्तियां बनाने वाले लोग भी अन्य धर्मों से जुड़े होते हैं | ईद पर हिंदू तथा सीक भाई भी मुसलमानों को ईद मुबारक देते हुए देखे जा सकते हैं | होली का त्यौहार भी धार्मिक भेदभाव बुलाकर मनाया जाता है | इस प्रकार यह सभी त्यौहार सांप्रदायिक सद्भाव को पुष्ट करते हैं और हमें देशभक्ति, त्याग और बलिदान की भावना भरते हैं |

आज के भौतिकवादी युग में लगभग सभी त्योहारों  का स्वरूप बदल रहा है | आजकल लोगों में त्योहारों को मनाने के प्रति उत्साह एवं आस्था का अभाव देखा जाता है | नगरीकरण व्यवसायीकरण मनी मशीनीकरण तथा पाश्चात्य संस्कृति ने अपना रंग जमाना शुरू कर दिया है | हमारे परंपरा गलत व्यवहार भी इस प्रकार की पश्चात्य संस्कृति की चपेट में आते जा रहे हैं | भाई-बहन का रिश्ता दुनिया में सबसे ऊपर तथा पवित्र माना जाता है | इस रिश्ते को रक्षाबंधन के दिन धागा बांधकर और सुदृढ़ करने की परंपरा निभाई जाती है |  परंतु आज इसका स्वरूप बदल गया है | इस पवित्र त्यौहार में चकाचौंध, प्रदर्शन और कृत्रिमता का समावेश हो रहा है |  राखी बांधना आज केवल औपचारिकता बनकर रह गई है |

क्रिसमस, दीपावली, दशहरा, गुरुपूर्व आदि के मनाने के ढंग बदल चुके हैं | धनी लोग अपने घरों पर सजावटी प्रकाश करने में लाखों रुपए खर्च कर देते हैं | पटाखों तथा दूसरे प्रकार की आतिशबाजी खर्चीली, भड़कीली व यांत्रिक होती जा रही है | प्रतिस्पर्धा बढ़ने लगी है | उपहारों, संदेशों तथा बाजार के बने खाद्यान्नों तथा व्यंजनों पर खूब पैसा बहाया जाता है |

लोग पदोन्नति के लाभ में अपने अधिकारियों को प्रसन्न करने के लिए अपनी सामर्थ्य से बढ़कर उपहार देते हैं |

पहले हमारे पूर्वज घरों में हर त्यौहार पर व्यंजन बनाते थे | दस-दस दिन पहले घरों में त्यौहार का एक वातावरण दिखाई देने लगता था | सारा परिवार मिलकर पूजा करता था और पूजा स्थलों पर जाता था | आस-पड़ोस मित्रों तथा संबंधियों के साथ मिलजुलकर त्यौहार मनाए जाते थे | परंतु आज हर त्यौहार पर बाजार से बने- बनाए  व्यंजन खरीद लिए जाते हैं |

Importance of festivals essay in hindi language :-  पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के कारण लोग अपने अपने पारंपरिक त्योहारों को कम महत्व देकर विदेशी त्योहारों को अधिक महत्व देने लगे हैं | हम जीवन के हर क्षेत्र में विदेशी संस्कृति की नकल करने लगे हैं, जिससे ना केवल भारतीय संस्कृति की महिमा कम हुई है बल्कि हमारे नैतिक मूल्य भी  विघटित होते जा रहे हैं |  हमें इस संक्रमण से बचना चाहिए और अपने त्योहारों को कम नहीं आंकना  चाहिए |

उपसंहार :-   भारत देश की भूमि पर विभिन्न प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं जिनमें से कुछ धार्मिक है कुछ राष्ट्रीय ( National and religious festival of India ) और कुछ स्थान विशेष के त्यौहार हैइन सभी त्योहारों में से किसी एक का अनुभव करना 100 जीवन को जीने के समान है इन सभी त्योहारों की विविधता और खूबसूरती भारत देश को गौरवान्वित करता है हम सभी भारतवासियों को यह प्रयास करना चाहिए कि हम अपने त्यौहार को और अधिक उत्साह और उमंग से मनाएं एवं दूसरों के त्योहारों का भी सम्मान करें |

 

दोस्तों ऊपर आपने Essay on Indian festivals in Hindi निबंध को पढ़ा इस निबंध से संबंधित सुझाव आप हमें कमेंट बॉक्स में नीचे लिखकर जरूर बताइए जिससे हम अपने लेख को और अधिक बेहतर बनाकर सभी School student ( विद्यार्थियों ) की सहायता कर सके |

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