Essay on Education in Hindi

आज के निबंध का शीर्षक है – essay on education in hindi. इस निबंध में हमने बहुत ही आसान शब्दों में छात्रों के लिए शिक्षा की आवश्यकता और महत्व के ऊपर विस्तृत चर्चा की है । सभी Class के School Student के लिए यह निबंध अत्यंत उपयोगी है ।

भूमिका :- पृथ्वी पर मनुष्य के जीवन का विकास और अस्तित्व के संरक्षण के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है । जो भी मनुष्य जीवन में सफल होना चाहता है साथ ही रोजमर्रा की चुनौतियों को दूर करने का प्रयास करना चाहता है उसके लिए शिक्षा बहुत ही आवश्यक है । शिक्षा हमारे शरीर मन और आत्मा को ठीक से संतुलित करने में सक्षम है । मनुष्य के जीवन को आसान बनाने के लिए जितने भी नए वैज्ञानिक प्रयोग हुए हैं, संसाधनों का आविष्कार हुआ है , यह सभी शिक्षा के माध्यम से ही संभव हो पाया है ।

विषय विस्तार :-  शिक्षा कहानी कहने, चर्चा, शिक्षण, उदाहरण, प्रशिक्षण या अनुसंधान के माध्यम से लोगों के एक समूह को  ज्ञान, कौशल, मूल्यों, विश्वासों और आदतों को सीखने की प्रक्रिया को कहतें है | शिक्षा औपचारिक या अनौपचारिक संदर्भों में हो सकती है। औपचारिक शिक्षा को आमतौर पर कई चरणों में विभाजित किया जाता है जैसे कि प्री-स्कूल शिक्षा, प्राथमिक स्कूल, हाई स्कूल और फिर कॉलेज । प्रशिक्षण के समापन पर,  अध्ययन का प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, जो अधिक उन्नत स्तर तक पहुंच की अनुमति देता है। एक ऐसी शिक्षा है जिसे गैर-औपचारिक (स्कूली नहीं) के रूप में जाना जाता है, जिसके द्वारा औपचारिक के विपरीत, आपको एक प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं होता है जो प्रशिक्षण के अंत में एक नए शैक्षिक स्तर तक पहुंचने की अनुमति देता है | आम तौर पर, गैर-औपचारिक शिक्षा की पेशकश करने वाले स्थान सामुदायिक केंद्र, निजी संस्थान, नागरिक संगठन या राज्य हैं। शिक्षा के अध्ययन को शिक्षाशास्त्र कहा जाता है, अब हम औपचारिक शिक्षा से परे शैक्षिक प्रक्रियाओं को जारी रखने की आवश्यकता के बारे में बात करते हैं।

shikshak par nibandh
Shikshak Par Nibandh

Advantages of education in Hindi ( शिक्षा के लाभ ) :-
शिक्षा व्यक्तियों, समुदायों और देशों के इष्टतम विकास के लिए एक बुनियादी तत्व है। आज के  वैज्ञानिक और तकनीकी उन्नति  के युग में इसका महत्त्व और भी अधिक हो गया है |  असमानता और गरीबी को मिटाने में शिक्षा  सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक माना जाता है |

शिक्षा हमारे जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए और  बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए अत्यंत आवश्यक है |  अच्छी शिक्षा से बेहतर भुगतान वाली नौकरियों  और आगे बढ़ने का अधिक मौका मिलता है |

विचार, रचनात्मक कल्पना, बच्चों की परिपक्वता प्रक्रिया, खेल और कलात्मक दीक्षा, सामाजिक स्नेह वृद्धि, सामाजिक एकीकरण, और नैतिक मूल्यों आदि का ज्ञान शिक्षा के बिना संभव नहीं है |

शिक्षा का एक लाभ यह भी है कि शिक्षित व्यक्ति स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो जाता है ।  आजकल स्कूलों में प्राथमिक चिकित्सा की भी शिक्षा दी जाती है, इसके उपयोग से शिक्षित व्यक्ति किसी आपातकाल में डॉक्टर की अनुपस्थिति होने पर स्वयं के या रोगी के जान बचा सकता है ।

Law For Education in India ( भारत में शिक्षा के लिए कानून ) :- शिक्षा के अधिकार को कई सरकारों ने मान्यता दी है। वैश्विक स्तर पर, संयुक्त राष्ट्र के 1966 के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय संविधान के अनुच्छेद 13 में हर व्यक्ति के लिए शिक्षा के अधिकार को मान्यता दी गई है।  भारत में सभी को शिक्षा के समान अधिकार के लिए 4 अगस्त 2009 को शिक्षा का अधिकार अधिनियम ( Right to Education Act ) पारित किया गया था । इस कानून के अंतर्गत 6 से 14 साल के सभी बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाने की व्यवस्था है ।

इसके लिए भारत सरकार ने हज़ारों  के संख्या में मुफ्त शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूलों का निर्माण किया है | हालाँकि इनमे से ज्यादातर स्कूलों में दिए गए शिक्षा की गुणवत्ता बहुत ख़राब है | यद्यपि भारत में कुछ बहुत अच्छी गुणवत्ता के शिक्षण संस्थान हैं, उनमें से अधिकांश जनसंख्या के पहुँच से बाहर है ।

उपसंहार : –  हालाँकि,हमें यह समझना होगा की शिक्षा केवल स्कूल में भाग लेने और स्कूल द्वारा निर्धारित किए गए पाठ्यक्रम की पुस्तकों को याद  रखने पर निर्भर नहीं है | हमें यह समझना होगा कि आज के इस इंटरनेट और कंप्यूटर के युग में केवल किताब की जानकारी को याद करके हम जीवन में सफल नहीं हो पाएंगे इसलिए विद्यार्थियों को उच्च कोटि के पेशेवर शिक्षा की आवश्यकता है |  साथ ही सभी विद्यार्थियों को नैतिक मूल्य, सामाजिक जिम्मेदारी, राष्ट्र सेवा से भी अवगत कराना आवश्यक है  तभी हम देश के उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित कर पाएंगे |

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